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12 मई 2024
बजाज जनरल इंश्योरेंस

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वाहन मालिक होने के नाते, सड़कों पर कानूनी रूप से गाड़ी चलाने के लिए अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करवाना आपके लिए अनिवार्य है. यह रजिस्ट्रेशन रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) में किया जाता है जो आपके वाहन के लिए एक विशिष्ट पहचान जारी करता है; वह पहचान है आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जो आपके वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर लिखा होता है. यह रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आपके वाहन विशेष की पहचान करने वाला एक मान्य डॉक्यूमेंट होता है. इसलिए, कोई भी वाहन खरीदने पर उसे उपयुक्त RTO के यहां रजिस्टर कराना ज़रूरी होता है. आपका वाहन किसी अन्य मालिक को ट्रांसफर होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहता है. आपके वाहन के लिए स्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने से पहले, ऑटो डीलर 'TC नंबर' नामक अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर देता है’. यह केवल एक महीने के लिए मान्य होता है, जिससे पहले वाहन स्थानीय RTO में रजिस्टर हो जाना चाहिए. अपने वाहन को रजिस्टर करवाने के साथ-साथ आपको मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी भी खरीदनी होती है, जो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक अनिवार्यता है. सही पॉलिसी का चुनाव आपकी कवरेज आवश्यकताओं के आधार पर होना चाहिए. आइए वाहन रजिस्टर कराने की प्रोसेस को देखें जिससे पहले आपको कुछ डॉक्यूमेंट चाहिए होते हैं.
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ये डॉक्यूमेंट अनिवार्य हैं, जिनके बिना रजिस्ट्रेशन संभव नहीं है. ये निम्न हैं:
यह नए वाहनों को रजिस्टर करवाने का एप्लीकेशन फॉर्म है.
यह आपके वाहन डीलर द्वारा जारी सेल सर्टिफिकेट है.
एक अन्य फॉर्म जो निर्माता जारी करता है और यह फॉर्म आपके वाहन की सड़क योग्यता सिद्ध करता है.
यह सर्टिफिकेट सुनिश्चित करता है कि आपके वाहन से होने वाले प्रदूषण का स्तर स्वीकार्य सीमाओं के भीतर है. सीधे फैक्टरी फ्लोर से आए बिल्कुल नए वाहनों के लिए यह सर्टिफिकेट आवश्यक नहीं होता है, पर एक वर्ष से पुराने वाहनों या जिन वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन होना है उनके लिए यह आवश्यक है.
A फोर व्हीलर इंश्योरेंस या टू व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी एक अनिवार्यता है जिसके बिना रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता है. इसे मोटर व्हीकल एक्ट ने कानूनन आवश्यक किया है.
स्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होने तक के लिए डीलर अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर देता है.
अगर आपके वाहन की खरीद लोनदाता द्वारा फाइनेंस की गई है, तो इस फॉर्म में हाइपोथिकेशन की यह जानकारी होती है यानी उसमें लिखा होता है कि आपका वाहन उसे खरीदने हेतु लिए गए लोन के लिए गिरवी है.
ऊपर लिखे डॉक्यूमेंट के साथ-साथ, डीलर का PAN, निर्माता के बिल, वाहन मालिक की फोटो, पहचान का प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, चेसिस और इंजन प्रिंट जैसे पर्सनल डॉक्यूमेंट भी आवश्यक होते हैं.
आपका वाहन चाहे नया हो या सेकंड हैंड, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य है और वह 15 वर्षों की अवधि के लिए मान्य रहता है। सेकंड हैंड वाहनों के मामले में, ओनरशिप पुराने से नए मालिक को ट्रांसफर होती है पर रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहता है. अपने वाहन को रजिस्टर करवाने का तरीका इस प्रकार है:
* मानक नियम व शर्तें लागू
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अगर आप नया वाहन खरीद रहे हैं, तो पूरी प्रक्रिया ऑटो डीलर द्वारा ही पूरी की जाएगी, जिससे परेशानी कम हो जाएगी. हालांकि, आपको वाहन के री-रजिस्ट्रेशन के लिए इस प्रोसेस को खुद पूरा करना होगा. इंश्योरेंस आग्रह की विषयवस्तु है. लाभ, एक्सक्लूज़न, सीमाएं, नियम और शर्तों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया बिक्री पूरी करने से पहले सेल्स ब्रोशर/पॉलिसी नियमावली को ध्यान से पढ़ें.
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