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18 Jan 2025

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मैं स्वस्थ हूं, फिर मुझे हेल्थ इंश्योरेंस की ज़रूरत क्यों है? मेरे पास कितना हेल्थ इंश्योरेंस कवर होना चाहिए? हेल्थ इंश्योरेंस महंगा होता जा रहा है, इसलिए सही पॉलिसी चुनना ज़रूरी हो गया है. इसलिए आपको यह जानना चाहिए कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसे चुनें. इसमें आपकी मदद के लिए हमने हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े आम सवालों की लिस्ट यहां दी है.
हां. आपको इंश्योरेंस की आवश्यकता है. अगर आप युवा और स्वस्थ हैं और आपको कई वर्षों तक डॉक्टर की ज़रूरत नहीं पड़ी है, तो भी आपको दुर्घटनाओं या एमरजेंसी जैसी अप्रत्याशित घटनाओं के लिए कवरेज की आवश्यकता होगी. हो सकता है कि अपने हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज (आपकी पॉलिसी के आधार पर) में आपको नियमित डॉक्टर की विज़िट के लिए भुगतान मिले या फिर नहीं मिले, लेकिन कवरेज लेने का मुख्य कारण गंभीर बीमारी या चोट के बड़े खर्चों से सुरक्षा प्राप्त करना है. कोई नहीं जानता कि मेडिकल एमरजेंसी कब आ जाए. इसलिए बेहतर है कि हेल्थ इंश्योरेंसखरीदें, ताकि जब एमरजेंसी आए, तो पैसे बचाए जा सकें.
नहीं. लाइफ इंश्योरेंस आपकी असमय मृत्यु/या अन्य स्थिति में आपके परिवार (या आश्रितों) को फाइनेंशियल नुकसान से सुरक्षित करता है. भुगतान केवल इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु के बाद या पॉलिसी की मेच्योरिटी पर किया जाता है. हेल्थ इंश्योरेंस आपको बीमारी या चोट से प्रभावित होने पर होने वाले खर्चों (उपचार, डायग्नोसिस आदि) को कवर करके बीमारी/रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है. इसमें मेच्योरिटी पर कोई भुगतान नहीं किया जाता है. हेल्थ इंश्योरेंस को वार्षिक रूप से रिन्यू भी करना होता है.
कवरेज के लगातार बने रहने के कारण आपको अपना खुद का हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए. सबसे पहले तो, अगर आप अपनी नौकरी बदलते हैं, तो ज़रूरी नहीं कि आपको अपनी नई कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस मिले. नई कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस मिले या न मिले, लेकिन यह तय है कि दोनों नौकरियों के बीच की अवधि में आप हेल्थ इंश्योरेंस के सुरक्षा चक्र से बाहर होंगे. दूसरे, पुरानी कंपनी में आपका जो हेल्थ इंश्योरेंस का ट्रैक रिकॉर्ड बना है, वह नई कंपनी वाली पॉलिसी में ट्रांसफर नहीं होगा. पहले से मौजूद बीमारियों को कवर करने में समस्या हो सकती है. अधिकांश पॉलिसी में पहले से मौजूद बीमारियों को केवल 5वें वर्ष से कवर किया जाता है. इसलिए, ऊपर बताई गईं समस्याओं से बचने के लिए, हम आपको आपकी कंपनी से मिली ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ-साथ अपनी खुद की पॉलिसी भी लेने की सलाह देते हैं.
नहीं. हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में मैटरनिटी/गर्भावस्था से जुड़े खर्च कवर नहीं किए जाते हैं. हालांकि, आपकी कंपनी से मिले ग्रुप इंश्योरेंस प्लान अक्सर मैटरनिटी से जुड़े खर्चों को कवर करते हैं.
Yes, there is a tax benefit available in the form of deductions under sec 80D of the income tax act 1961. Every tax payer can avail an annual deduction of Rs. 15,000 from taxable income for payment of health insurance premium for self and dependents. For senior citizens, this deduction is Rs. 20,000. Please note that you will have to show the proof for payment of premium. (Section 80D benefit is different from the Rs 1,00,000 exemption under Section 80 C).
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के नियमों के आधार पर 40 या 45 वर्ष से अधिक आयु के कस्टमर के लिए नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के लिए मेडिकल चेकअप ज़रूरी होता है. पॉलिसी रिन्यूअल के लिए मेडिकल चेकअप की ज़रूरत आमतौर पर नहीं होती है.
आमतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी केवल 1 वर्ष की अवधि के लिए जारी की जाने वाली सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसी होती हैं. हालांकि, कुछ कंपनियां दो वर्ष की पॉलिसी भी जारी करती हैं. आपकी इंश्योरेंस अवधि के अंत में आपको अपनी पॉलिसी को रिन्यू कराना होता है.
कवरेज राशि, क्लेम किए जाने पर भुगतान योग्य अधिकतम राशि होती है. इसे "सम इंश्योर्ड" और "सम अश्योर्ड" भी कहते हैं. पॉलिसी का प्रीमियम आपके द्वारा चुनी गई कवरेज राशि पर निर्भर करता है.
हां, आप पूरे परिवार को कवर करने के लिए ले सकते हैं पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की सुविधाएं पूरे भारत में ली जा सकती हैं. यह देख लें कि आपके पास और आपके परिवार के निवास स्थान के पास कोई नेटवर्क हॉस्पिटल हैं या नहीं. आपको यह ज़रूर देखना चाहिए कि आपके इंश्योरर के पास आपके घर या आपके परिवार के निवास स्थान के पास नेटवर्क हॉस्पिटल है या नहीं है. नेटवर्क हॉस्पिटल वे हॉस्पिटल हैं, जिनका खर्चों के कैशलेस सेटलमेंट के लिए टीपीए (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) के साथ टाई-अप होता है. अगर आपके निवास स्थान पर कोई नेटवर्क हॉस्पिटल नहीं हैं, तो आप सेटलमेंट के रीइम्बर्समेंट मोड का विकल्प चुन सकते हैं.
स्टैंडर्ड हेल्थ पॉलिसी के तहत नेचुरोपैथी और होमियोपैथी ट्रीटमेंट कवर नहीं किए जाते हैं. यह कवरेज केवल मान्यता-प्राप्त हॉस्पिटल और नर्सिंग होम में एलोपैथिक ट्रीटमेंट के लिए उपलब्ध है.
हेल्थ इंश्योरेंस एक्स-रे, एमआरआई, ब्लड टेस्ट आदि सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट को कवर करता है, बशर्ते वे कम से कम एक रात हॉस्पिटल में भर्ती रहे मरीज़ के किए गए हों. ओपीडी में लिखे गए किसी भी डायग्नोस्टिक टेस्ट को आमतौर पर कवर नहीं किया जाता है.
थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (आमतौर पर टीपीए के रूप में संदर्भित), आईआरडीए (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा अप्रूव्ड विशेष हेल्थ केयर सर्विस प्रोवाइडर है. टीपीए, इंश्योरेंस कंपनी को हॉस्पिटल के साथ नेटवर्किंग, कैशलेस हॉस्पिटलाइज़ेशन की व्यवस्था और क्लेम प्रोसेसिंग और समय पर सेटलमेंट जैसी विभिन्न सर्विसेज़ प्रदान करता है.
हॉस्पिटलाइज़ेशन की स्थिति में, रोगी या उनके परिवार को हॉस्पिटल को बिल का भुगतान करना होगा. कैशलेस हॉस्पिटलाइज़ेशन के तहत रोगी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के समय हॉस्पिटलाइज़ेशन के खर्चों का सेटलमेंट नहीं करना होता है. यह सेटलमेंट हेल्थ इंश्योरर की ओर से सीधे थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) द्वारा किया जाता है. यह आपकी सुविधा के लिए है. रोगी को हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले टीपीए से पहले अप्रूवल लेना होता है. एमरजेंसी हॉस्पिटलाइज़ेशन के मामले में, भर्ती होने के बाद अप्रूवल लिया जा सकता है. कृपया ध्यान दें कि यह सुविधा केवल टीपीए के नेटवर्क हॉस्पिटल में उपलब्ध है.
हां, आप एक से अधिक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले सकते हैं. क्लेम के मामले में, हर कंपनी नुकसान के अनुपात में भुगतान करेगी. उदाहरण के लिए, एक कस्टमर ने एक कंपनी से रु. 1 लाख की कवरेज वाला और दूसरी कंपनी से रु. 1 लाख की कवरेज वाला हेल्थ इंश्योरेंस लिया है. रु. 1.5 लाख के क्लेम के मामले में, हर पॉलिसी से सम अश्योर्ड तक 50:50 के अनुपात में भुगतान मिलेगा.
जब आपको नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मिलती है, तो पॉलिसी शुरू होने की तिथि से 30 दिन की प्रतीक्षा अवधि होती है, जिस दौरान हॉस्पिटलाइज़ेशन के खर्च का भुगतान नहीं किया जाता है. हालांकि, दुर्घटना के कारण होने वाले किसी भी एमरजेंसी हॉस्पिटलाइज़ेशन पर यह अवधि लागू नहीं होती है. 30 दिनों की यह अवधि पॉलिसी रिन्यू कराने पर लागू नहीं होती है, लेकिन प्रतीक्षा अवधि पहले से मौजूद बीमारियों के कारण प्रभावित हो सकती है.
क्लेम फाइल करने और सेटल होने के बाद, पॉलिसी कवरेज में से सेटलमेंट में चुकाई गई राशि घट जाती है. उदाहरण के लिए: जनवरी में आपने एक वर्ष के लिए रु. 5 लाख के कवरेज वाली पॉलिसी ली है. अप्रैल में आपने रु. 2 लाख का क्लेम किया. ऐसे में मई से दिसंबर तक आपके लिए रु. 3 लाख का बैलेंस उपलब्ध रहेगा.
पॉलिसी अवधि के दौरान कितनी बार भी क्लेम कर सकते हैं, लेकिन क्लेम सम इंश्योर्ड कवरेज की अधिकतम लिमिट तक ही किया जा सकता है.
हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए कोई डॉक्यूमेंट ज़रूरी नहीं है. आपको किसी पैन कार्ड या आईडी प्रूफ की भी ज़रूरत नहीं है. इंश्योरेंस कंपनी और टीपीए के नियमों के आधार पर आपको क्लेम सबमिट करते समय आईडी प्रूफ जैसे डॉक्यूमेंट देने की ज़रूरत पड़ सकती है.
हां, भारत में रहने वाले विदेशियों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर किया जा सकता है. हालांकि, कवरेज भारत तक सीमित रहेगी.
हर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कुछ एक्सक्लूज़न होते हैं. इनमें शामिल हैं:
हेल्थ इंश्योरेंस के तहत, आयु और कवर की राशि, वे कारक हैं, जो प्रीमियम तय करते हैं. आमतौर पर, कम आयु वाले लोगों को अधिक स्वस्थ माना जाता है और इसलिए उनके लिए वार्षिक प्रीमियम थोड़ा कम होता है. अधिक आयु वाले लोग अधिक हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम चुकाते हैं, क्योंकि उनमें स्वास्थ्य समस्याओं या बीमारियों का जोखिम अधिक होता है.
Under cashless health insurance policy settlement, the claim is settled directly with the network hospital. In cases where this is no cashless settlement, the claim amount is paid to the nominee of the policyholder. In case there is no nominee made under the policy, then the insurance company will insist upon a succession certificate from a court of law for disbursing the claim amount. Alternatively, the insurers can deposit the claim amount in the court for disbursement to the next legal heirs of the deceased.
Yes, up to an extent. For a detailed account of difference between mediclaim and health insurance, visit Bajaj General blogs.
A health insurance policy is a reimbursement of the medical expenses. गंभीर बीमारी के लिए बीमा is a benefit policy. Under a benefit policy upon the occurrence of an event, the insurance company pays the policyholder a lump sum amount. Under Critical Illness Insurance Cover From Bajaj General" critical illness insuranceके अनुसार इंश्योर्ड व्यक्ति में पॉलिसी में लिखी कोई गंभीर बीमारी होने की पहचान होती है, तो इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसीधारक को लंपसम भुगतान करती है. इसके बाद यह कस्टमर पर निर्भर करता है कि वह मिली राशि को मेडिकल ट्रीटमेंट पर खर्च करेगा या नहीं.
इंश्योरेंस के लिए प्रपोज़ल फॉर्म भरते समय आपको आपके जीवनकाल के दौरान हुई बीमारियों की जानकारी देनी होती है. इंश्योरेंस के समय आपको पता होना चाहिए कि आपको कोई बीमारी है या नहीं, और क्या आप कोई ट्रीटमेंट करवा रहे हैं. इंश्योरेंस कंपनी पहले से मौजूद और नई बीमारियों के बीच अंतर करने के लिए इन स्वास्थ्य समस्याओं को अपने मेडिकल पैनल के पास भेजती है.
ध्यान दें: हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले यह ज़रूरी है कि आप आपको हुईं सभी बीमारियों का खुलासा करें. इंश्योरेंस भरोसा पर किया गया कॉन्ट्रेक्ट होता है, और जानबूझकर तथ्यों का खुलासा नहीं करने से भविष्य में समस्याएं हो सकती हैं.
अगर आप पॉलिसी कैंसल करते हैं, तो पॉलिसी कैंसल होने की तिथि से आपका कवर खत्म हो जाएगा. साथ ही, आपका प्रीमियम शॉर्ट पीरियड कैंसलेशन दरों के साथ आपको रिफंड किया जाएगा. आपको ये दरें पॉलिसी डॉक्यूमेंट में लिखे पॉलिसी के नियमों और शर्तों में मिल जाएंगी.
अधिकांश पॉलिसी घर पर ट्रीटमेंट का लाभ प्रदान करती हैं: क) जब रोगी की स्थिति ऐसी होती है कि वह हॉस्पिटल में नहीं जा सके या ख) जब किसी भी हॉस्पिटल में कोई बेड उपलब्ध नहीं होता है, और यह पॉलिसी के तहत केवल हॉस्पिटल/नर्सिंग होम में दिए गए समान ट्रीटमेंट के लिए रीइम्बर्स किया जा सकता है. इसे "डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइज़ेशन" कहा जाता है और यह रीइम्बर्स की जाने वाली राशि और बीमारी के कवरेज के संदर्भ में कुछ प्रतिबंधों के अधीन है.
Coverage amount is the extent to which the insurance company will reimburse you for the medical expenses incurred by you. Usually, mediclaim policies start with a low coverage amount of Rs 25,000 and go to a maximum of Rs 5,00,000 (There are also high value insurance policies especially for critical illness available from some providers). Visit our page for more information on Bajaj General health insurance plans.
*मानक नियम व शर्तें लागू बीमा आग्रह की विषयवस्तु है. लाभों, शामिल न की गई चीज़ों, सीमाओं, नियम और शर्तों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया इंश्योरेंस खरीदने से पहले सेल्स ब्रोशर/पॉलिसी डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें.
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