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    कार इंश्योरेंस में KYC से संबंधित IRDAI के नए नियम

    • मोटर ब्लॉग

    • 04 फरवरी 2025

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      बजाज जनरल इंश्योरेंस

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    नो योर कस्टमर (KYC) एक प्रक्रिया है जो ग्राहकों की पहचान सत्यापित करने में मदद करती है. इंश्योरेंस इंडस्ट्री में, KYC महत्वपूर्ण है क्योंकि यह धोखाधड़ी को रोकने में मदद करता है और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करता है. हाल ही में, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने कार इंश्योरेंस में KYC के संबंध में नए नियम लागू किए हैं. IRDAI के दिशानिर्देशों के अनुसार, इंश्योरेंस कंपनियों को कस्टमर को कार इंश्योरेंस पॉलिसी सहित किसी भी प्रकार की जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी जारी करने से पहले KYC प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है.

    कार इंश्योरेंस में KYC आवश्यकताओं को समझें

    IRDAI ने कहा है कि KYC प्रोसेस इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों, जैसे आधार-आधारित प्रमाणीकरण, वीडियो KYC, या अन्य इलेक्ट्रॉनिक विधियों के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यमों से भी पूरी की जा सकती है. # KYC मानदंड व्यक्तियों और/या न्यायिक व्यक्तियों/संस्थाओं के लिए अलग-अलग हो सकते हैं. आइए, दोनों के KYC मानदंडों के बारे में जानें:

    1. व्यक्तियों के लिए केवायसी मानदंड

     व्यक्तियों के लिए KYC नियम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं कि कार इंश्योरेंस पॉलिसी सही व्यक्ति को जारी की जाए और धोखाधड़ी को रोका जाए. कार इंश्योरेंस में व्यक्तियों के लिए केवाईसी के नियम इस प्रकार हैं: कार इंश्योरेंस पॉलिसी सही व्यक्ति को जारी करने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए व्यक्तियों के लिए केवाईसी मानदंड निर्धारित किए गए हैं.

    • व्यक्ति का नाम: व्यक्ति को अपना पूरा नाम देना होगा, जो उसके आइडेंटिटी प्रूफ डॉक्यूमेंट में लिखे नाम से मेल खाना चाहिए.
    • एड्रेस प्रूफ: व्यक्ति को कोई मान्य एड्रेस प्रूफ देना होगा, जैसे यूटिलिटी बिल, बैंक स्टेटमेंट या आधार कार्ड.
    • आइडेंटिटी प्रूफ: व्यक्ति को कोई मान्य आइडेंटिटी प्रूफ देना होगा, जैसे आधार कार्ड, PAN कार्ड, पासपोर्ट या वोटर ID.
    • संपर्क जानकारी: व्यक्ति को अपनी संपर्क जानकारी, जैसे फोन नंबर और ईमेल एड्रेस देनी होगी.
    • फोटो: व्यक्ति को KYC प्रोसेस के लिए पासपोर्ट साइज़ फोटो देनी होगी.
    • अन्य डॉक्यूमेंट: इंश्योरेंस कंपनी को KYC के लिए अन्य डॉक्यूमेंट की भी ज़रूरत पड़ सकती है, जैसे इनकम प्रूफ या बिज़नेस का प्रूफ.

    2. न्यायिक संस्थाओं/व्यक्तियों के लिए केवायसी मानदंड

    कार इंश्योरेंस में न्यायिक संस्थाओं/व्यक्तियों के लिए KYC मानदंड इस प्रकार हैं:

    • न्यायिक संस्था/व्यक्ति का नाम: संस्था/व्यक्ति का नाम देना होगा, जिसे डॉक्यूमेंट में लिखे नाम से मेल खाना चाहिए.
    • लीगल सर्टिफिकेट: न्यायिक स्थिति को सत्यापित करने वाला लीगल सर्टिफिकेट KYC फॉर्म के साथ देना होगा.
    • एड्रेस प्रूफ: व्यक्ति/संस्था के एड्रेस को सत्यापित करने वाला मान्य एड्रेस प्रूफ देना होगा.
    • अन्य डॉक्यूमेंट: इंश्योरेंस कंपनी को KYC के लिए अन्य डॉक्यूमेंट की भी ज़रूरत पड़ सकती है, जैसे इनकम प्रूफ या बिज़नेस का प्रूफ.

    कृपया ध्यान दें कि सभी प्रकार की जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए KYC मानदंडों का पालन आवश्यक है. इसलिए, आप चाहे थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद रहे हों या कम्प्रीहेंसिव पॉलिसी, KYC मानदंडों का पालन आवश्यक है.

    इसे भी पढ़ें: टू-व्हीलर इंश्योरेंस के लिए KYC नियम

    IRDAI द्वारा स्वीकृत KYC प्रोसीज़र

    इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने कस्टमर की आसानी और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल KYC प्रोसेस का उपयोग अनिवार्य कर दिया है. IRDAI द्वारा स्वीकृत KYC विधियां इस प्रकार हैं, जो तब लागू होंगी, जब आप लेंगे व्हीकल इंश्योरेंस :

    • आधार-आधारित e-KYC: इस तरीके में KYC के उद्देश्यों के लिए आधार कार्ड का उपयोग किया जाता है. KYC प्रोसेस को पूरा करने के लिए कस्टमर अपना आधार नंबर और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रदान कर सकता है.
    • PAN-आधारित KYC: इस तरीके में KYC के उद्देश्यों के लिए कस्टमर के पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) का उपयोग किया जाता है. कस्टमर को पहचान प्रमाण के रूप में अपने पैन कार्ड की स्व-प्रमाणित कॉपी के साथ अपना पैन विवरण प्रदान करना होगा. इसके अलावा, उन्हें एड्रेस प्रूफ डॉक्यूमेंट जैसे पासपोर्ट, वोटर ID, यूटिलिटी बिल आदि भी प्रदान करने होंगे. इस विधि को IRDAI द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पॉलिसी के लिए स्वीकार किया जाता है
    • वीडियो KYC: इस तरीके में कस्टमर इंश्योरर के साथ वीडियो कॉल के माध्यम से अपना KYC विवरण प्रदान करता है. वीडियो KYC प्रोसेस को पूरा करने के लिए कस्टमर के पास कैमरा और इंटरनेट कनेक्शन वाला डिवाइस होना चाहिए.
    • ऑफलाइन केवाईसी: इस विधि में केवाईसी के उद्देश्यों के लिए फिज़िकल डॉक्यूमेंट सबमिट करना शामिल है. कस्टमर को KYC फॉर्म के साथ अपने पहचान प्रमाण और पते के प्रमाण की कॉपी प्रदान करनी होगी.
    • OTP-आधारित e-KYC: इस तरीके में KYC के उद्देश्यों के लिए कस्टमर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए वन टाइम पासवर्ड (OTP) का उपयोग किया जाता है. प्रोसेस को पूरा करने के लिए कस्टमर को KYC फॉर्म में OTP दर्ज करना होगा.

    कस्टमर के लिए ज़रूरी है कि वे अपनी इंश्योरेंस कंपनी से स्वीकृत KYC विधियों के बारे में पूछें और IRDAI द्वारा जारी मानदंडों के अनुसार ही KYC प्रोसेस पूरी करें. यह थर्ड पार्टी या कम्प्रीहेंसिव बीमा पॉलिसी की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने और क्लेम की आसान प्रोसेसिंग में मदद करता है.

    इसे भी पढ़ें: भारत में CKYC इंश्योरेंस और कार इंश्योरेंस को समझें

    व्यक्तियों की KYC के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट

    कार इंश्योरेंस की KYC प्रोसेस पूरी करने के लिए व्यक्तियों को कुछ डॉक्यूमेंट देने होते हैं. ऐसे कुछ डॉक्यूमेंट हैं:

    • आइडेंटिटी प्रूफ: आधार कार्ड, PAN कार्ड, पासपोर्ट, वोटर ID
    • एड्रेस प्रूफ: यूटिलिटी बिल, बैंक स्टेटमेंट, रेंटल एग्रीमेंट
    • फोटो
    • इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मांगे गए अन्य डॉक्यूमेंट

    बीमा प्रदाताओं और पॉलिसीधारकों के लिए नए नियमों के क्या लाभ हैं?

    इंश्योरेंस सेक्टर में नए KYC (नो योर कस्टमर) नियमों को लागू करने से इंश्योरर और पॉलिसीधारकों दोनों के लिए कई लाभ मिलते हैं:

    1. तेज़ क्लेम सेटलमेंट

    पॉलिसी खरीदते समय अनिवार्य KYC अनुपालन के साथ, इंश्योरर को क्लेम प्रोसेसिंग के दौरान KYC डॉक्यूमेंट का अनुरोध करने की आवश्यकता नहीं है. यह क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस को आसान और तेज़ करता है, जिससे पॉलिसीधारकों के लिए आसान अनुभव सुनिश्चित होता है.

    2. अपराध की रोकथाम में वृद्धि

    सटीक KYC विवरण का एक्सेस इंश्योरर को व्यक्तियों की बेहतर पहचान करने और मनी लॉन्डरिंग जैसे फाइनेंशियल अपराधों से लड़ने में मदद करता है.

    3. बेहतर जोखिम मूल्यांकन

    सटीक KYC जानकारी इंश्योरर को जोखिमों का अधिक प्रभावी रूप से आकलन करने में सक्षम बनाती है. पॉलिसीधारक की प्रोफाइल का मूल्यांकन करके, इंश्योरर क्लेम की संभावना का अनुमान लगा सकते हैं और उसके अनुसार प्रीमियम सेट कर सकते हैं, जिससे सभी कस्टमर के लिए उचित और उपयुक्त कीमत सुनिश्चित होती है.

    4. बेहतर ग्राहक संतुष्टि

    सुव्यवस्थित और सुरक्षित प्रोसेस कस्टमर की संतुष्टि में योगदान देते हैं. कुशल क्लेम हैंडलिंग और पर्सनलाइज़्ड जोखिम-आधारित कीमत विश्वास को बढ़ावा देती है, ग्राहक संबंधों और रिटेंशन दरों में सुधार करती है. ये लाभ इंश्योरर को नए कस्टमर को आकर्षित करने में भी मदद करते हैं.

    5. कम धोखाधड़ी और केंद्रीकृत डेटा मैनेजमेंट

    पॉलिसी, किए गए क्लेम और सेटल किए गए क्लेम के विवरण सहित पॉलिसीधारक के डेटा का केंद्रीकृत एक्सेस, इंश्योरर को धोखाधड़ी की गतिविधियों को रोकने की अनुमति देता है. यह सुनिश्चित करता है कि पॉलिसीधारकों को वह कवरेज प्राप्त हो, जिसके लिए वे पात्र हैं और पॉलिसी की आसान खरीद और रिन्यूअल की सुविधा देते हैं.

    इसे भी पढ़ें: कार इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए IRDAI के दिशानिर्देश

    बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड से अपनी कार के लिए इंश्योरेंस खरीदें

    मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार, सभी कार मालिकों के लिए सड़क पर कानूनी रूप से वाहन चलाने के लिए मान्य मोटर इंश्योरेंस होना अनिवार्य है. इंश्योरेंस प्रदाता चुनते समय, निम्नलिखित पर विचार करें:

    1. मजबूत क्लेम सेटलमेंट रेशियो वाला एक विश्वसनीय इंश्योरर.
    2. आसान और पेपरलेस क्लेम प्रोसेस.
    3. सुविधाजनक ऑनलाइन खरीदारी और रिन्यूअल विकल्प.

    बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड ये सभी विशेषताएं प्रदान करता है. आप घर बैठे आसान, यूज़र-फ्रेंडली प्रोसेस के माध्यम से कार इंश्योरेंस ऑनलाइन खरीद या रिन्यू कर सकते हैं. बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के साथ आसान सर्विस और कम्प्रीहेंसिव कवरेज का अनुभव करें

    संक्षेप में

    कार इंश्योरेंस में KYC के संबंध में IRDAI के नए नियमों का उद्देश्य इंश्योरेंस इंडस्ट्री की पारदर्शिता और अखंडता में सुधार करना है. KYC प्रोसेस को पूरा करके, कस्टमर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी पॉलिसी असली है, और उनके क्लेम को आसानी से प्रोसेस किया जाएगा. KYC आवश्यकताओं का पालन करके, कस्टमर को यह जानकर मन की शांति मिल सकती है कि उनकी कार इंश्योरेंस पॉलिसी मान्य है और किसी भी अप्रत्याशित घटना के मामले में उन्हें सुरक्षित कर सकती है.

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    1. क्या KYC के बिना अपने कार इंश्योरेंस को रिन्यू किया जा सकता है?

    नहीं, IRDAI के नए दिशानिर्देशों के तहत, जब तक आपके KYC विवरण की जांच नहीं की जाती है, तब तक इंश्योरर आपकी पॉलिसी को रिन्यू नहीं करेंगे.

    2. अगर मैं अपने कार इंश्योरेंस के लिए KYC पूरा नहीं कर पाता हूं, तो क्या होगा?

    अगर आप KYC प्रोसेस पूरा नहीं करते हैं, तो हो सकता है कि आपकी कार इंश्योरेंस पॉलिसी जारी या रिन्यू न की जाए, जिससे आपका वाहन इंश्योर्ड नहीं हो.

    3. क्या कार इंश्योरेंस में KYC का पालन न करने पर कोई दंड लगता है?

    हालांकि कोई सीधा दंड नहीं है, लेकिन KYC पूरा नहीं करने पर पॉलिसी रिजेक्ट हो सकती है, जिसका मतलब है कि आप मान्य इंश्योरेंस के बिना कानूनी रूप से अपने वाहन को चला नहीं सकते हैं.

    4. क्या KYC थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस दोनों पर लागू होता है?

    हां, थर्ड-पार्टी, स्टैंडअलोन ओन-डैमेज और कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस सहित सभी प्रकार की कार इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य है.

    5. कार इंश्योरेंस के लिए e-KYC कैसे काम करता है?

    e-KYC पॉलिसीधारकों को OTP सत्यापन के माध्यम से अपने आधार कार्ड को इंश्योरेंस प्रदाता से लिंक करके KYC सत्यापन को डिजिटल रूप से पूरा करने की अनुमति देता है. *स्टैंडर्ड नियम व शर्तें लागू. बीमा आग्रह की विषयवस्तु है. लाभों, शामिल न की गई चीज़ों, सीमाओं, नियमों और शर्तों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया बिक्री पूरी करने से पहले सेल्स ब्रोशर/पॉलिसी नियमावली को ध्यान से पढ़ें.

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